शिक्षक पात्रता परीक्षा

पृष्ठभूमि और तर्क

अनिवार्य एवं मुफ्त बाल अधिकार अधिनियम 2009 के कार्यान्वयन के तहत पूरे देश विशेष कर बिहार में एक निश्चित समयावधि के अन्तर्गत बड़ी संख्या में शिक्षकों की आवश्यकता होगी। इस क्रम में यह आवश्यक है कि नियुक्ति प्रक्रिया में शिक्षकों की गुणवत्ता किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। इसके लिए यह सुनिश्चित करना अत्यन्त आवश्यक है कि जो व्यक्ति शिक्षक के रूप में नियुक्त हों उनमें शैक्षिक अभिवृति और योग्यता मौजूद हो जिससे वे प्रारंभिक शिक्षा की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हों।


अनिवार्य एवं मुफ्त बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 23 की उपधारा (2) के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् द्वारा घोषित नियमावली के अनुसार विद्यालयों में कक्षा I-VIII तक अध्यापक के रूप में नियुक्ति हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी संदर्भ में बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में कक्षा I-V तक एवं कक्षा VI-VIII तक के लिए "बिहार प्रारम्भिक शिक्षक (प्रशिक्षित) पात्रता परीक्षा-2017" का आयोजन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना के तत्वाधान में किया जा रहा है। योग्य शिक्षकों के चयन प्रक्रिया में यह एक प्रभावी कदम होगा। "बिहार प्रारम्भिक शिक्षक (प्रशिक्षित) पात्रता परीक्षा-2017’’ में अर्हता प्राप्त करना किसी भी व्यक्ति की भर्ती/रोजगार के लिए अधिकार नहीं देता क्योंकि यह नियुक्ति के लिए केवल एक पात्रता मापदंड है।"